हाथी और कुत्ते की कहानी | Story of the elephant and the dog in Hindi.

 

एक छोटे कुत्ते की मदद से गड्ढे में फँसे हाथी को बचाते हुए गाँव वाले, जंगल और गाँव की पृष्ठभूमि में नैतिक कहानी का भावुक दृश्य।

बहुत समय पहले की बात है। एक हरे-भरे जंगल के किनारे एक छोटा-सा गाँव बसा हुआ था। उसी गाँव के पास जंगल में एक विशाल और ताकतवर हाथी रहता था। हाथी बहुत बलवान था, लेकिन उसके मन में घमंड भी बहुत था। वह अपनी ताकत पर इतना गर्व करता था कि छोटे जानवरों को बिल्कुल महत्व नहीं देता था। उसे लगता था कि जो छोटा है, वह किसी काम का नहीं।

उसी गाँव में एक साधारण-सा कुत्ता भी रहता था। वह न तो बहुत बड़ा था, न ही बहुत ताकतवर, लेकिन वह बहुत समझदार और वफादार था। कुत्ता रोज़ गाँव की रखवाली करता, रात को जागकर लोगों और जानवरों की सुरक्षा करता। गाँव वाले उससे बहुत प्यार करते थे।

एक दिन हाथी जंगल से निकलकर गाँव की ओर आ गया। वह रास्ते में पड़े पानी के मटकों को सूँड़ से तोड़ता, खेतों में घुसकर फसल रौंदता और मज़े-मज़े में लोगों को डराता फिर रहा था। गाँव के लोग बहुत परेशान हो गए, लेकिन हाथी के डर से कोई कुछ कह नहीं पाया।

यह सब देखकर कुत्ते को बहुत बुरा लगा। उसने हाथी से कहा,

“हाथी भाई, अपनी ताकत का इस्तेमाल दूसरों को परेशान करने के लिए मत करो। गाँव के लोग पहले ही मुश्किल से अपना जीवन चलाते हैं।”

हाथी ज़ोर से हँसा और बोला,

“अरे छोटे कुत्ते! तुम जैसे छोटे जीव मुझे क्या समझाएँगे? मेरी एक ठोकर से पूरा गाँव हिल सकता है।”

कुत्ता शांत रहा, लेकिन उसने मन ही मन सोचा कि ताकत से बड़ा कुछ और भी होता है।

कुछ दिन बाद जंगल में आग लग गई। आग तेजी से फैलने लगी और जानवर इधर-उधर भागने लगे। उसी अफरा-तफरी में हाथी एक गहरे गड्ढे में गिर गया। वह जितना निकलने की कोशिश करता, उतना ही और फँसता चला जाता। उसकी सारी ताकत बेकार हो गई।

हाथी जोर-जोर से चिल्लाने लगा, लेकिन कोई बड़ा जानवर उसकी मदद के लिए नहीं आया। सबको हाथी का घमंड याद आ रहा था।

तभी गाँव से वही छोटा कुत्ता दौड़ता हुआ आया। उसने हाथी की हालत देखी और बिना देर किए गाँव में जाकर लोगों को खबर दी। गाँव वाले रस्सियाँ, लकड़ियाँ और फावड़े लेकर आए। सबने मिलकर कड़ी मेहनत की और कई घंटों बाद हाथी को गड्ढे से बाहर निकाला।

हाथी बाहर निकलते ही थककर ज़मीन पर बैठ गया। उसकी आँखों में शर्म और पश्चाताप था। वह कुत्ते की ओर देखा और बोला,

“आज मुझे समझ आ गया कि ताकत सब कुछ नहीं होती। अगर तुम जैसे छोटे और समझदार दोस्त न होते, तो मैं शायद आज बच भी न पाता।”

कुत्ता मुस्कराया और बोला,

“बड़ा या छोटा होना मायने नहीं रखता। असली बात यह है कि हम एक-दूसरे के कितने काम आते हैं।”

उस दिन के बाद हाथी का स्वभाव पूरी तरह बदल गया। वह अब किसी को नुकसान नहीं पहुँचाता था और गाँव वालों की मदद करने लगा। कुत्ता और हाथी अच्छे दोस्त बन गए और दोनों मिलकर जंगल और गाँव की रक्षा करने लगे।

🌿 कहानी की सीख (Moral of the Story)

ताकत से ज़्यादा समझदारी और दया की कीमत होती है। जो दूसरों को छोटा समझता है, वही असली में छोटा होता है।

Share this Story: 👍👍👍

Next Post Previous Post
No Comment
Add Comment
comment url

Join Our WhatsApp Channel

Daily stories, motivation और नए updates पाएं — अभी join करें!

Join Now